पीएम आवास योजना नई लिस्ट 2026: ग्रामीण व शहरी सूची में नाम देखें, मिलेगी ₹1.20 से ₹2.50 लाख सहायता - ऑनलाइन आवेदन व पात्रता
नई दिल्ली: भारत सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत देश के गरीब एवं मध्यम वर्गीय बेघर परिवारों के लिए 3 करोड़ अतिरिक्त पक्के मकानों के निर्माण को मंजूरी देते हुए वर्ष 2026 की नई लाभार्थी सूची (New Beneficiary List 2026) जारी कर दी है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आवास प्लस (AwaasPlus) सर्वे के आधार पर ग्राम पंचायत-वार सूची अपडेट की गई है, वहीं शहरी क्षेत्रों हेतु PMAY-Urban 2.0 के अंतर्गत नए आवेदनों पर वित्तीय स्वीकृति मिलनी शुरू हो चुकी है।
1. पीएम आवास योजना 2026: ग्रामीण व शहरी सहायता का पूरा विवरण
प्रधानमंत्री आवास योजना को दो प्रमुख घटकों में विभाजित किया गया है:
| योजना घटक | मूल सहायता राशि | अतिरिक्त प्रोत्साहन | कुल अनुमानित लाभ |
|---|---|---|---|
| PMAY ग्रामीण (मैदानी क्षेत्र) | ₹1,20,000 | ₹12,000 शौचालय + 90 दिन मनरेगा मजदूरी (~₹25,000) | ₹1,57,000 तक |
| PMAY ग्रामीण (पहाड़ी / दुर्गम क्षेत्र) | ₹1,30,000 | ₹12,000 शौचालय + 95 दिन मनरेगा मजदूरी (~₹27,000) | ₹1,69,000 तक |
| PMAY शहरी (PMAY-U 2.0 - EWS) | ₹1,50,000 से ₹2,50,000 | होम लोन पर 4% ब्याज सब्सिडी (ISS) | ₹2,50,000 तक सब्सिडी |
2. पात्रता नियम: किन्हें मिलेगा पीएम आवास योजना 2026 का लाभ?
आवश्यक पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria):
- कच्चा मकान: आवेदक या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
- आर्थिक स्थिति: आवेदक का परिवार SECC 2011 या आवास प्लस (AwaasPlus) सर्वे की प्राथमिकता सूची में दर्ज होना चाहिए।
- शहरी आय सीमा (PMAY 2.0):
- EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग): वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख तक।
- LIG (निम्न आय वर्ग): वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख से ₹6 लाख तक।
- MIG (मध्यम आय वर्ग): वार्षिक पारिवारिक आय ₹6 लाख से ₹9 लाख तक।
- महिला मुखिया को प्राथमिकता: योजना के तहत मकान की रजिस्ट्री परिवार की महिला मुखिया के नाम या संयुक्त नाम पर अनिवार्य की गई है।
अपात्रता शर्तें (इन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ):
- परिवार का कोई सदस्य केंद्र/राज्य सरकार में नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी हो।
- परिवार का कोई सदस्य आयकर (Income Tax) या व्यावसायिक कर भरता हो।
- परिवार के पास तिपहिया या चार पहिया वाहन, कृषि उपकरण (ट्रैक्टर) या 50,000 रुपये से अधिक क्रेडिट सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) हो।
3. पीएम आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) 2026 नई लिस्ट में नाम ऐसे देखें
- सबसे पहले ग्रामीण विकास मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल pmayg.nic.in पर जाएं।
- होमपेज पर मुख्य मेनू में "Stakeholders" विकल्प पर कर्सर ले जाएं और "IAY/PMAYG Beneficiary" पर क्लिक करें।
- यदि आपके पास रजिस्ट्रेशन नंबर है तो उसे दर्ज करें। यदि नंबर नहीं है, तो नीचे दिए गए "Advanced Search" बटन पर क्लिक करें।
- अब अपना राज्य (State), जिला (District), ब्लॉक (Block), और ग्राम पंचायत (Panchayat) चुनें।
- Scheme Name में Pradhan Mantri Awaas Yojana Gramin चुनें और Financial Year में 2025-2026 / 2026-2027 चुनें।
- "Search" पर क्लिक करते ही आपके गांव के सभी चयनित लाभार्थियों की सूची स्क्रीन पर आ जाएगी, जिसमें नाम, पिता का नाम, स्वीकृत राशि व किस्त स्थिति देख सकते हैं।
4. पीएम आवास योजना शहरी (PMAY-U 2.0) में नाम और स्थिति चेक करें
- शहरी आवास पोर्टल pmaymis.gov.in या pmay-urban.gov.in पर जाएं।
- मेनू में "Search Beneficiary" पर क्लिक करके "Search by Name / Aadhaar" चुनें।
- अपना 12 अंकों का आधार नंबर (Aadhaar Number) दर्ज करें और Show बटन पर क्लिक करें।
- आपके आवेदन की स्वीकृति स्थिति, बैंक खाता सत्यापन और म्युनिसिपल वार्ड स्तर की जांच रिपोर्ट दिखाई देगी।
सरकारी योजनाओं हेतु दस्तावेज सत्यापन व प्रमाण पत्र टूल्स
पीएम आवास योजना आवेदन एवं बैंक सत्यापन हेतु आवश्यक आय प्रमाण पत्र शपथ पत्र और पीडीएफ दस्तावेज तैयार करने के लिए RajStudy के निशुल्क टूल्स का उपयोग करें:
5. किस्त जारी होने की प्रक्रिया व जियो-टैगिंग (DBT Milestones)
पीएम आवास योजना का पैसा एकमुश्त न मिलकर निर्माण कार्य की प्रगति के अनुसार 3 या 4 किस्तों में सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए बैंक खाते में भेजा जाता है:
- पहली किस्त (₹25,000 – ₹40,000): प्रशासनिक स्वीकृति और स्थल के प्रारंभिक सत्यापन (Geo-tagging) के बाद नींव खुदाई हेतु।
- दूसरी किस्त (₹40,000 – ₹45,000): कुर्सी स्तर (Plinth Level) तक निर्माण पूर्ण होने और फोटो सत्यापन के उपरांत।
- तीसरी किस्त (₹30,000 – ₹40,000): छत ढलाई (Lintel / Roof Level) का कार्य पूरा होने पर।
- अंतिम किस्त (₹10,000 – ₹15,000): प्लास्टर, फर्श, रंग-रोगन, दरवाजे-खिड़कियां तथा शौचालय निर्माण पूर्ण होने के बाद।